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Welcome to the World of Poetry

Sunday, August 10

I AM WALKING ALONE

Tonight, as on other nights
I'm walking alone
through the valley of fear.
O God, I pray
that you will hear me:
for only you alone know
what is in my heart.
Lift me out of this valley of despair
and set my soul free.

I try to lift my soul so high
that nothing can touch it
where it lies.....
Bruised and crushed
lies my trust, faith and soul.

When my hour comes
I will not be afraid....
for I know
Your judgement will be
tempered with mercercy.
After all I am only clay
And one day
I shall return...
To the dust
From which I came.

Sunday, July 6

सपनों का ताजमहल



सपनों का ताजमहल बनाया था मैने ,
जिसमे वो मेरे शाहजहाँ ,
और मै उनकी मुमताज थी |

सितारों से सजा था आशियाना मेरा ,
और ख़ुशियो की फुहार थी |
लहरों सी हिचकोले खाती जिन्दगी में ,
पतझड़ नही ,केवल प्यार की बहार थी |

सपनों के पिरोये थे लाखो मोती मैने,
मेरी तमन्नाओ की माला तेयार थी |
बर्फ सी चादर में लिपटी हुई आशाएँ ,
बाहर आने को कब से बेकरार थी |

जब हकीकत से हुआ सामना मेरा , मैने पाया ,
अरे ! ये तो सपनों की सोगात थी |
जिन्दगी से हम भी खफा नही है अपनी से ,
आखिर ये ही तो मेरे लिए लायी रिश्तो की बोछार थी |

संगेमरमर का ताजमहल न सही ,
पर मैने भी बनाई प्यार की मीनार थी |
लाखो हसिनाओ से मिलते रहे वो हमेशा ,
पर उनके लिए मै ही उनकी मुमताज थी |

Saturday, July 5

अब तन्हा रहना सिख रहे है



अब तन्हा रहना सिख रहे है ,
मर कर जीना सिख रहे है |
मांग कर पाना सिख लिया ,
अब खो कर पाना सिख रहे है |
मदहोशियो ने खूब सताया हमे ,
अब होश में आना सिख रहे है |
याद में उनकी सदियों तक जगे ,
अब चैन से सोना सिख रहे है |
वो गये तो हाथ छोड़ कर ,
अब तन्हा रहना सिख रहे है |
हर बार मनाया उनको हमने ,
अब खुद को मनाना सिख रहे है |
सिखाया था उन्होंने हमे बाते बनाना ,
अब खामोश रहना सिख रहे है |
याद  न आये  उनकी अब ,
उनको भुलाना सिख रहे है |

Thursday, July 3

खामोशियाँ



मिला वो भी नही करते ,
मुलाकात हम भी नही करते |
दगा वो भी नही करते ,
धोखा हम भी नही करते |
उन्हें रुसवाई का दुःख ,हमे तन्हाई का डर ,
गिला वो भी नही करते ,
शिकवा हम भी नही करते |
किसी मोड़ पर मुलाकात हो जाती है ,
रुका वो भी नही करते ,
ठहरा हम भी नही करते |
जब भी देखते है उन्हें सोचते है कुछ कहें उनसे ,
सुना वो भी नही करते ,
कहा हम भी नही करते |
लेकिन ये भी सच है के महोब्बत उन्हें भी है हमसे ,
इकरार वो भी नही करते ,
इज़हार हम भी नही करते |

Tuesday, July 1

बुरा लगता है



खिलते गुलाबो का मुरझाना बुरा लगता है ,
महोब्त्त का यूँ रूठ जाना बुरा लगता है |
फांसले मिटाना अच्छी बात है ,
पर किसी का उनके करीब जाना बुरा लगता है |
यूँ  तो चलती है रोज फिजायें भी ,
पर उसका उनको छू जाना बुरा लगता हैं |
उनकी हंसी है हमको सबसे प्यारी ,
पर उनका किसी को देखकर मुस्कुराना बुरा लगता है |


इन्तजार में उनके बिता देगें सारी जिन्दगी ,
लेकिन उनका यूँ मिल के बिछड़ जाना बुरा लगता है |
कह तो देते है उनको हम बेवफा ,
पर किसी और का उन पर इलज़ाम लगाना बुरा लगता है |
वो नाम तक ना ले हमारा गिन्दगी भर, कोई गम नही ,
पर न जाने क्यों उनके लबो पे ,
किसी और का नाम आना बुरा लगता है |

Monday, June 30

कुछ ख्वाहिशे है


रूठी हूँ मैं तुमसे ,
मुझे इक बार तो मनाओ |
भूल के सारी रंजीसो को, मुस्कुराऊ ,
कुछ ऐसे इस दिल को बहलाओ |

सम्भाल के रखे है मैने अपने दिल के अरमान ,
उन्हें हकीकत की दुनिया मे तो लाओ |
चाँद तारे भी जो तोड़ दे मेरे लिए ,
कुछ पल के लिये ही सही ,
मगर ऐसा दीवाना तुम बन जाओ |

कुछ ख्वाहिशे है

इक पल भी ना रह सके हम इक दूजे के बिन ,
धडकन की तरह इस दिल मे तुम समाजाओ|
इस कदर घुल जाये हम प्यार मे ,
के ज्योती मै और दीपक तुम बन जाओ |

इक दुसरे को देखते रहे युही जी भर के हम ,
ऐसा लम्हा जिन्दगी का तुम बन जाओ |
रंग बिरंगे तोफो की सौगात लेकर ,
तुम हर  पल बस , हर पल मुझे मनाओ |

मैं जानती हूँ वो दिन कभी नही आयेगा ,
मगर ख्वाबो में ही सही ,
ऐसा दिन तुम जिन्दगी में लाओ |       
रूठी हूँ मैं तुमसे ,
इक बार ही सही, बस इक बार तुम मुझे मनाओ |